परिचय
मीरादातार (Sayed Ali Mira Datar) की दरगाह उणावा (मेहसाणा) में स्थित एक महत्वपूर्ण सूफी स्थल है। यहाँ भक्त सदियों से दर्शन और इलाज के लिए आते रहे हैं। मीरादातार की जीवनी, उनके करामात और दर्गाह के स्थापना की कहानियाँ पीढ़ियों तक सजीव हैं।
हज़रत सय्यद अली मीरादातार का जीवन
हज़रत सय्यद अली मीरादातार का ज़िक्र स्थानीय ऐतिहासिक दास्तानों में मिलता है। उनकी सादगी, रूहानी असर और लोगों के प्रति करुणा के कारण वे मशहूर हुए। कई विद्वानों और बुज़ुर्गों की रोज़ बयानियों में उनके चमत्कारों का ज़िक्र मिलता है — रोगियों के ठीक होने, दुखों से राहत और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के किस्से आम हैं।
दरगाह की स्थापना और विकास
दरगाह का निर्माण धीरे-धीरे हुआ — पहले एक छोटी जगह जहाँ लोग इकट्ठा होते थे, फिर भक्तों की संख्या बढ़ने पर मजार के आस-पास संरचनाएँ बनीं। समय के साथ यहाँ मंदिर, आवासीय व्यवस्था और मदरसा भी विकसित हुआ।
चमत्कार और इलाज (Treatment)
लोककथाओं के अनुसार, मीरादातार की दरगाह पर कई लोगों ने इलाज और रूहानी राहत पाई है। आज भी विशेष दिनों पर हजारों श्रद्धालु दुआ और इलाज के लिए आते हैं। आप अपनी कथाएँ और अनुभव साझा कर सकते हैं — यह समुदाय के लिए बहुत मूल्यवान है।
मूल स्रोत और गीत-संगीत
दरगाह में अक्सर सूफी क़व्वाली और मुनाजात होती हैं जिनमें मीरादातार के जीवन और करामातों का ज़िक्र गीतों में मिलता है। स्थानीय बुज़ुर्गों के वर्णन, पुरानी किताबें और ग्राम भूले-बिसरे दस्तावेज़ इतिहास के स्रोत हैं।
મિરા દાતાર દરગાહનો ઇતિહાસ — Gujarati Section
મીરા દાતાર (સૈયદ અલી મીરા દાતાર) ની દરગાહ ઉનાવો (મેહસાણા) ખાતે આવેલું છે. ઐતિહાસિક વાર્તાઓ અને લોકવાર્તાઓ અહીંના લોકજીવનનો હિસ્સો છે. بسیاری श्रद्धालुओंનાં અનુભવો અને કાવ્યોમાં તેમની મહિમા વર્ણવાઈ છે.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- Q: दर्गाह के दर्शन के समय क्या हैं?
- A: आमतौर पर सुबह से शाम तक दर्शन खुले रहते हैं; विशेष उत्सवों पर समय बदलता है — कृपया Contact पेज देखें।
- Q: क्या यहाँ इलाज के लिए लोग आते हैं?
- A: हाँ — दर्गाह पर रूहानी इलाज और आशीर्वाद के लिए लोग आते हैं; मेडिकल सलाह के लिए डॉक्टर से संपर्क आवश्यक है।



